पटवारी रविशंकर खराड़ी आत्महत्या मामला : रैली निकालकर पटवारी संघ ने किया प्रदर्शन, नायब तहसीलदार पर की एफआईआर दर्ज करने की मांग
- सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज नहीं करने पर दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
आलोट तहसील के पटवारी रविशंकर खराड़ी द्वारा आत्महत्या करने के मामले नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर गुरुवार को जिला पटवारी संघ ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली गुलाब चक्कर से कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां जमकर नारेबाजी करने के बाद संघ द्वारा एडीएम डा. शालिनी श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिवस में नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो पटवारी संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले की अलोट तहसील के हल्का नंबर 34 (खजूरी सोलंकी) में पदस्थ पटवारी 33 वर्षीय रविशंकर खराडी ने 21 अप्रैल 2026 की दोपहर रतलाम शहर के एमबी नगर में स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पटवारी के पास से पुलिस को एक पत्र मिला था, जिसमें लिखा था कि मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा काम के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पहले भी उनके द्वारा नक्शा बंटाकन की मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बंटाकन फर्द दबाव बनाकर चेंज कराई गई थी। नायब तहसीलदार द्वारा दबाव डालकर काम कराने के कारण में अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान दे नहीं पाता हूं। कई परिचितों को पत्रिका देने का समय भी नहीं मिल पाया था। नायब तहसीलदार द्वारा कई बार मुझे अपने क्वार्टर पर बुलाकर यह भी कहा गया था कि भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देगी। मेरे विरुद्ध कारण बताओ नोटिस निकाला जा रहा है। नायब तहसीलदार के साथ मैं दबावपूर्ण नौकरी नहीं कर सकता हूं। पटवारी के आत्महत्या की खबर से पटवारियों में आक्रोश फैल गया था। पटवारियों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने व उन्हें निलंबित करने की मांग को लेकर 21 अप्रैल की रात को औद्योगिक क्षेत्र थाने में धरना दिया था। इसके बाद 22 अप्रैल को परिजन, पटवारी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा आदि ने भी मेडिकल कॉलेज में धरना देकर नायब तहसीलदार को निलंबित करने व उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। प्रशासन ने नायब तहसीलदार को निलंबित तो कर दिया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अधिकारियों ने सात दिन में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब धरना समाप्त किया गया था। अब 23 अप्रैल को पटवारी संघ ने भी ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पहले की बैठक फिर निकली रैली
जिला पटवारी संघ की गुलाब चक्कर में 23 अप्रैल को बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में जिले के पटवारी व विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के बाद दोपहर तीन बजे गुलाब चक्कर से रैली निकालकर पटवारी व अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे तथा जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के बाद एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आत्महत्या के लिए दुषप्रेरित करने का मामला दर्ज करने की मांग की। पटवारी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि सात दिन में नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रूपरेखा तय कर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। काम बंद कर बस्ते जमा कर दिए जाएंगे। आंदोलन में सभी कर्मचारी संगठन शामिल होंगे।
निलंबित किए गए पटवारी जितेंद्र परमार को बहाल करें
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त नायब तहसीदार द्वारा आलोट तहसील में पदस्थ पटवारी जितेंद्र परमार को भी प्रताड़ित किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को गलत जानकारी देकर जितेंद्र परमार को निलंबित कराया गया। पटवारी जितेंद्र परमार को तत्काल बहाल किया जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या के मामले में नायब तहसीलदार सविता राठौर केखिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने एवं हत्या करने का मामला दर्ज किया जाए। पुलिस प्रशासन ने सात दिन का समय चाह है, यदि सात दिन में प्रकरण दर्ज नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन के लिए पटवारी संघ बाध्य होगा।