भाई की शादी के दूसरे दिन पटवारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, नायब तहसीलदार पर काम के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप

- नायब तहसीलदार ने कहा पटवारी द्वारा काम के दबाव को लेकर जो पत्र लिखा गया है, वह पूरी तरह असत्य है

भाई की शादी के दूसरे दिन पटवारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, नायब तहसीलदार पर काम के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।   
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की आलोट तहसील के हल्का नंबर 34 (खजूरी सोलंकी) में पदस्थ पटवारी रवि शंकर खराड़ी निवासी एमबी नगर रतलाम शहर ने 21 अप्रैल 2026 की दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके आत्महत्या करने का कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन उसके पास एक पत्र मिला है, जिसमें उसन आलोट की नायब तहसील दार सविता राठौर पर काम के लिए दबाव बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उधर, नायब तहसीलदार सविता राठौर ने काम के लिए दबाव बनाने के आरोप को असत्य बताया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस रतलाम मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पटवारी के आत्महत्या करने का कारण स्पष्ट हो पाएगा।  
     जानकारी के अनुसार आलोट तहसील में पदस्थ पटवारी 33 वर्षीय रविशंकर खराड़ी पिता रकमेश्वर खराड़ी रतलाम नगर के एमबी नगर में परिवार के साथ रहते है। परिवार में मां केसरबाई, पत्नी रीना खराड़ी, करीब साढ़े तीन वर्षीय रितिशा, छोटी बहन और छोटा भाई सिद्धार्थ खराड़ी है। छोटे भाई की शादी का रिसेप्शन 20 अप्रैल को था। पटवारी रिसेप्शन में शामिल नहीं हुआ। वह देर रात घर आया और सो गया था। मंगलवार दोपहर में वह अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजन उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम 22 अप्रैल को सुबह कराया जाएगा। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि मामले में प्रथम दृष्टया मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। कुछ चीजे जब्त की गई है, विवेचना में उनकी जांच की जाएगी।
             पत्नी ने फंदे पर लटका देखा तो चिल्लाई 
    भाई सिद्धार्थ खराड़ी ने पुलिस व मीडियाकर्मियों को बताया कि 20 अप्रैल को उसकी शादी का रिशेप्सन था। रात में रिशेप्सन समाप्त होने के बाद बड़ा भाई तीसरी माला पर स्थित अपने कमरे में जाकर सो गए थे। वह तथा अन्य परिजन नीचे वाले कमरों में सोए थे। वह 21 अप्रैल को सुबह करीब दस बजे भाई रविशंकर के कमरे पर गया तो वे लेटे हुए थे, चाय-नाश्ते के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि थोड़ी देर में आता हूं। इसके बाद दोपहर तीन बजे वापस उनके कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाया तो अंदर से आवाज नहीं आई। वह नीचे चला गया और फिर कुछ समय बाद भाभी रीना खराड़ी भाई को उठाने गई तो धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। दरवाजा खुलते ही भाभी चिल्लाई की यह क्या हो गया? वे कमरे पर पहुंचे तो देखा भाई छत के पंखे पर पगड़ी से बंधे फंदे पर लटके हुए थे। उसने वह भाभी ने फंदा खोलकर रविशंकर को नीचे उतारा और मेडिकल कॉलेज ले गए,  जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया। पटवारी की मां केसरबाई ने बताया कि बेटे रविशंकर ने बताया था कि वह मैडम से परेशान है, उसने मैडम का नाम नहीं बताया था। बस यह कहा था कि मैडम परेशान कर रही है। कल एक फायनेंस कंपनी वाले भी आए थे, वह घर पर नहीं था, उसने कंपनी से लोन ले रखा था। वे यह पूछकर चले गए थे घर में कौन-कौन है।  
                पटवारी के कमरे से मिले पत्र में लिखा
                   दबावपूर्ण नौकरी नहीं कर सकता
     पुलिस को पटवारी रविशंकर के कमरे से एक सादे कागज पर लिखा पत्र मिला है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। पत्र में लिखा है कि मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा काम के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पहले भी उनके द्वारा नक्शा बंटाकन की मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बंटाकन फर्द दबाव बनाकर चेंज कराई गई थी। नायब तहसीलदार द्वारा दबाव डालकर काम कराने के कारण में अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान दे नहीं पाता हूं। कई परिचितों को पत्रिका देने का समय भी नहीं मिल पाया था। नायब तहसीलदार द्वारा कई बार मुझे अपने क्वार्टर पर बुलाकर यह भी कहा गया था कि भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देगी। मेरे विरुद्ध कारण बताओ नोटिस निकाला जा रहा है। नायब तहसीलदार के साथ मैं दबावपूर्ण नौकरी नहीं कर सकता हूं।
             कार्यों को लेकर कभी दबाव नहीं बनाया
    पटवारी सविता राठौर द्वारा मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट  की गई है, जिसमें लिखा है कि पटवारी पटवारी रवि खराड़ी एक बहुत ही सामान्य व कार्य के प्रति समर्पित पटवारी था। उसके द्वारा काम के दबाव को लेकर जो पत्र लिखा गया है वह पूरी तरह असत्य है। जिस बटांकन फर्द का उल्लेख पत्र में किया गया है वह पटवारी द्वारा नियमानुसार तैयार की जाकर प्रस्तुत की गई थी, जिसका आदेश मेरे न्यायालय से लगभग डेढ़ माह पूर्व 02.03.2026 को पारित किया जा चुका है।  जिसकी अपील अनुविभागिय अधिकारी के यहां प्रचलित है। शादी हेतु अवकाश के लिए पटवारी रवि द्वारा मेरे समक्ष कोई आवेदन पेश नहीं किया गया था और ना ही उसके द्वारा मुझसे मौखिक रूप से छुट्टी मांगी गई । पिछले कई दिनों से वह मेरे कार्यालय में आया ही नहीं था, केवल जनगणना की ट्रेनिंग के दिनों में 15,16,17 मार्च को आया था। तभी उसने मुझे बताया था कि उसके भाई की शादी 18,19 और 20 मार्च को है तब भी उसने छुट्टी के बारे में कोई बात नहीं की। तीनों दिन शासकीय अवकाश था। लोक सेवा केंद्र से प्राप्त नामांतरण प्रकरण में समय सीमा की अंतिम दिनांक 4.4.2026 तक भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के कारण मेरे द्वारा पटवारी रवि को दिनांक 8.4. 2026 को SCN जारी किया गया था,  जिसकी जांच रिपोर्ट पटवारी द्वारा 10. 4.2026 को प्रस्तुत की गई।  मेरे द्वारा शासकीय कार्यों हेतु सामान्य रूप से लगभग सभी पटवारियों को समय-समय पर निर्देशित किया जाता है। कार्यों को लेकर मेरे द्वारा कभी भी दबाव नहीं बनाया जाता है। मैं खुद नहीं समझ पा रही हूं कि रवि जैसे सुलझे हुए पटवारी ने ऐसा क्यों किया। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए नायब तहसीलदार सविता राठौर के मोबाइल फोन पर तीन बार कॉल किए गए लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। मैं खुद नहीं समझ पा रही हूं कि रवि जैसे सुलझे हुए पटवारी ने ऐसा क्यों किया