पहले चाकू अड़ाकर पिता-पुत्री को लूटा, दूसरे दिन युवक की कर दी थी हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार
- शादी समारोह में नाचने के विवाद में की गई थी युवक की हत्या
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र में पहले पिता-पुत्री के साथ चाकू अड़ाकर की गई डकैती और दूसरे दिन शादी समारोह में नाचने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या करने के मामला का पुलिस ने 72 घंटों में खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार डकैती करने वाले आरोपियों ने युवक की हत्या की भी थी। दोनों मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनका एक साथी फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अज्ञात बदमाशों ने 12 व 13 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात बाजना रोड पर माही नदी की पुलिया के पास चाकू अड़ाकर बाइक सवार 60 वर्षीय कादर खां पिता मीर मोहम्मद मकरानी निवासी ग्राम कुशलगढ़ जिला (राजस्थान) और उनकी 30 वर्षीय नजराना को डकैती डालकर लूट लिया था। बदमाश उनसे 20 हजार रुपए व सोने के जेवर लूट कर ले गए थे। वहीं दूसरे दिन 13 व 14 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात आरोपी नीलेश झोड़िया व उसके साथियों ने ग्राम कूपड़ा चरपोटा में शादी समारोह में हुए नाचने के विवाद में चाकू व पत्थरों से हमला कर 30 वर्षीय सुनील झोड़िया निवासी ग्राम देवीपाड़ा की हत्या कर दी थी। सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल ने शुक्रवार को सैलाना में आयोजित पत्रकारवार्ता में दोनों मामलों का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमर के निर्देशन व एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन में आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपी 19 वर्षीय नीलेश झोड़िया पिता नारु झोडिया निवासी ग्राम चिकनी (बाजना), 19 वर्षीय शंभू भाभर पिता कालू भाभर निवासी ग्राम रतनगढ़ पीठ (बाजना), 20 वर्षीय सुभाष सिंगाड़ पिता सोहन सिंगाड़ निवासी ग्राम पिपलीपाड़ा (बाजना) व 19 वर्षीय तोलू खड़िया पिता राजू खड़िया निवासी ग्राम मलवासी (रावटी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों ने पूछताछ करने पर अपने एक अन्य साथी अश्विन कटारा निवासी ग्राम केलदा (शिवगढ़) हालमुकाम ग्राम बिबडौद के साथ मिलकर कादर खां व उसकी पुत्री के साथ डकैती करने व सुनील झोड़िया की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी अश्विन कटारा की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, उसकी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर
एसआई रामसिंह खपेड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नीलेश, शंभू, सुभाष व तोलू को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को 18 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए है। आरोपी नीलेश व तोलू के कब्जे से घटनाओं में प्रयुक्त एक-एक बाइक जब्त की गई है। आरोपियों से लूटे गए जेवर, रुपए व अश्वनी के बारे में पूछताछ की जा रही है।
मामला-01- रास्ते में रोककर की थी डकैती
फरियादी कादर खां निवासी ग्राम कुशलगढ़ अप्रैल 2026 को रिश्तेदार की शादी में जावरा गए थे। वहां उन्हें अपनी बहू की डिलेवरी की सूचना मिली थी, इस पर वे दूसरे दिन 12 व 13 अप्रैल की दरमियानी रात अपनी बेटी 30 वर्षीय नजराना और पौती तीन वर्षीय पौते शादाब के साथ बाइक पर वापस ग्राम कुशलगढ़ लौट रहे थे। तभी रास्ते में रतलाम-बाजना मार्ग पर बाजाना थाना क्षेत्र स्थित मही नदी के पास रात करीब 12.15 बजे बदमाशों ने हाथ देकर उन्हें रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वे नहीं रुके। इस पर बदमाशों ने दो बाइकों पर सवार होकर उनका पीछा किया था तथा कुछ दूर जाकर चलती बाइक पर कादर खां पर एक बदमाश ने चाकू अड़ा दिया था। इस पर उन्होंने बाइक रोकी थी तो एक बदमाश ने उनकी जेब से पर्स निकाल लिया था तथा दो बदमाशों ने उनकी बेटी को चाकू अड़ाकर उसके कान के सोने के एरिंग व 12 मोती का मंगलसूत्र व पर्स छीन लिया था। बदमाशों ने बेटी के पैर में पहनी पायजब चाकू से काटने की कोशिश की थी, इससे बेटी के पैर में हल्की चोट आई थी। बदमाश पायजेब काट पाते उसके पहले ही बाजना की तरफ से आ रहे पिकअप वाहन की लाइट देखकर बदमाश सोने के जेवर व दोनों के पर्स लेकर भाग गए थे। उनके पर्स में पांच हजार रुपए, ड्राईविंग लायसेंस, आधार कार्ड, पेन कार्ड और बेटी के पर्स में 15 हजार रुपए थे।
मामला-02- चाकू लेकर नाचने
से मना करने पर की थी हत्या
13 व 14 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात 30 वर्षीय सुनील चरपोटा निवासी ग्राम देवीपाड़ा पत्नी चंपाबाई के साथ करीब तीन किलोमीटर दूर बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम कूपड़ा चरपोटा में अपने मामा ससुर के घर शादी समारोह में गया था। वहां रात में डीजे पर सुनील व अन्य लोग नाच रहे थे। तभी आरोपी नीलेश झोड़िया, अश्वीन व अन्य आरोपी भी वहां पहुंचे थे। आरोपी अश्विन कटारा चाकू लेकर नाच रहा था। इस पर सुनील ने आपत्ति लेकर उन्हें रोका था। कुछ समय बाद सुनील व उसकी पत्नी चंपाबाई पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने पत्थर व चाकू से सुनील पर हमला कर दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान दूसरे दिन सुनील की मौत हो गई थी। उसकी पत्नी चंपाबाई की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया था।
ये थे टीम में शामिल
टीम में बाजना थाना प्रभारी मनीष डाबर, रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, निरीक्षक अमित कोरी, एसआई रामसिंह खपेड़, एएसआई जीवन बारिया, योगेश निनामा, कालूसिंह जामोद, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक कमलेश हारी, शंकर राव शिन्दे, सन्नी मईड़ा, प्रेमसिंह, नरवर मईडा, विपुल भावसार, राहुल पाटीदार शामिल थे।