करंट का कहर : बुझ गए तीन घरों के चिराग, एक साथ उठे तीन जनाजे, मातम पसरा
- बिजली तार से फैला था ताजिये में कंरट, एक बिजली कर्मचारी निलंबित, दो श्रमिकों का काम से हटाया, समाजजन व कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपकर की उचित मुआवजे की मांग
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में बिजली की हाईटेंशन लाइन से ताजिये में फैले करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत होने व 15 लोगों के झुलसने से माहौल गमगीन बना हुआ है। मृतकों के घरों पर मातम पसरा रहा। दोपहर में जब मृतकों के शव उनके घर ले जाए गए तो उनके परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। शाम को तीनों के जनाजे एक साथ उठाए गए। गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए जनाजा कब्रिस्तान पहुंची, जहां तीनों को सुपुर्दे खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में समाजजनों, कांग्रेस नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व अन्य ने शिरकत कर तीनों को अंतिम बिदाई दी।
गौरतलब है कि पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम हतनारा में मोहर्रम के तहत 25 जून 2026 की रात ताजिये का जुलूस निकाला जा रहा था। रात दस से साढ़े दस बजे के बीच मेवाती मोहल्ला से युवकों ने ताजिया उठाकर आगे बढ़ाया और वे कुछ दूर पहुंचे ही थे कि ताजिया ऊपर से जा रही बिजली की हाईटेंशन लाइन से टच हो गया और ताजिये में करंट फैलते हुए नीचे तक चला गया। इससे ताजिया पकड़कर चल रहे और उनके आसपास चल रहे लोग करंट की चपेट में आग गए। जोरदार करंट लगने से कई लोग नीचे गिर गए। इससे 15 से 17 लोग झुलस गए और जुलूस में हड़कंप मच गया। अन्य लोगों ने जैसे-तैसे ताजिये के नीचे दबे व अन्य जगह जाकर गिरे लोगों को उठाया और निजी वाहनों में डालकर रतलाम के मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक 27 वर्षीय राशिद खान पिता वाहिद खान, 38 वर्षीय सद्दाम (सड्डू) पिता मोहम्मद हुसैन और 32 वर्षीय अरबाज पिता हुसैन तीनों निवासी ग्राम हतनारा की मौत हो गई थी। शेष झुलसे लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 26 जून शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज में पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम कराए। इसके बाद तीनों के शव उनके परिजन को सौंप दिए। वे दोपहर में शव लेकर ग्राम हतनारा स्थित मृतकों के घर पहुंचे। शव पहुंचते ही वहां परिजन रोने-बिलखने लगे और मातम छा गया। रिश्तेदार व परिचित मृतक के परिजन को संभालते रहे। शाम करीब चार बजे तीनों मृतकों के जनाजे उनके घरों से एक साथ उठाए गए। जनाजे में सैकड़ों समाजजन, रिश्तेदार, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव यूसुफ कड़पा, किसान नेता व क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, पिपलौदा जनपद के अध्यक्ष योगेंद्रसिंह सोलंकी, जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष दिलीप सिंह मंडलोई, समाजसेवी असलम मेव सहित अनेक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता आदि ने शिरकत कर मृतकों को अंतिम विदाई दी। कब्रिस्तान में तीनों को अलग-अलग स्थानों पर सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान जावरा एसडीएम रचना शर्मा, एसडीओपी संदीप मालवीय, पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपा, मुआवजा व नौकरी देने की मांग
समाजजनों व कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मृतकों के परिजन को उचित मुआवजा देने, घायलों को भी मुआवजा देने, मृतकों के एक-एक परिजन को नौकरी देने, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करने आदि मांगे की। ज्ञापन में कहा गया है कि बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ है। मोहर्रम के पहले हर साल की तरह इस साल भी प्रशासन ने शांति समिति की बैठक आयोजित की थी। बैठक में जुलूस के दौरान जुलूस मार्ग स्थित हाईटेंशन लाइन बंद करने तथा झूलते तारों को ऊंचा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिम्मेदारों ने ने तो झुलसे तार ऊंचे किए और न ही जुलूस के दौरान बिजली सप्लाय बंद की। ताजिया हाईटेंशन लाइन से टच होने से ताजिये में करंट फैल गया और तीन लोगों की मौत हो गई तथा 15 से 17 व्यक्ति झुलस कर घायल हो गए। मृतकों के परिजन को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। सभी पीड़ितों का इलाज बिजली कंपनी के व्यय से कराया जाए तथा इन्हें भी उचित मुआवजा दिया जाए। जो दोषी है, उन पर कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर, डीआईजी व एसपी मेडिकल कॉलेज पहुंचे
कलेक्टर मिशा सिंह, एसडीएम तरूण जैन ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वहां भर्ती पीड़ितों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उपस्थित डॉक्टरों ने बताया कि वर्तमान में तीन पीड़ित भर्ती है और तीनों की जान खतरे से बाहर हैं। डीआईजी निमिष अग्रवाल व एसपी अमित कुमार ने भी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर भर्ती पीडितों से मुलाकात कर उनके स्वास्थय की जानकारी ली तथा डॉक्टरों से पीडितों के इलाज की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने पीड़ितों के परिजन से भी चर्चा कर उन्हें प्रशासन की तरफ से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
एक कर्मचारी निलंबित, दो को काम से हटाया
बिजली कंपनी ने कार्य में लापरवही बरतने पर एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया और दो श्रमिकों को काम कार्यमुक्त कर दिया। बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार कर्मचारी घनश्याम द्वारा मोहर्रम के जुलूस के दौरान शिकायत निवारण केंद्र हतनारा में उपस्थित रहते हुए भी कार्य में लापरवाही बरती गई। घनश्याम को निलंबित किया गया है और श्रमिक समरथ मकवाना व गोबीलाल को कार्य में लापरवाही के लिए कार्य से पृथक किया गया है।
ध्यान क्यों नहीं दिया गया
किसान नेता व हतनारा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने बताया की बिजली कंपनी ने केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की, जबकि अधिकारी भी दोषी है। उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए। हर साल ताजिये का जुलूस जब मुख्य रोड की जाता है तो बिजली कंपनी द्वारा हाईटेंशन लाइन से बिजली सप्लाय बंद की जाती है। इस बार क्यों बंद नहीं की गई। यह बात भी सामने आई है कि आयोजन कमेटी के लोग ताजिया ले जाने की जानकारी बिजली कंपनी को देते है, लेकिन इस बार कमेटी के लोग अन्य कार्यों में व्यस्त थे और युवक ताजिया लेकर आगे बढ़ गए। ऐसो में बिजली कंपनी को समय पर सूचना नहीं दी गई। वहीं बिजली कंपनी के अधिकारी की ड्यूटी थी कि वे जुलूस पर ध्यान देते, लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया
पतरे का शेड बना हादसे का कारण
बिजली कंपनी पिपलौदा के जेई राहुल कुमार से दूरभाष पर मामले की जानकारी लेने पर उनके द्वारा बताया गया कि हाईटेंशन लाइन करीब 20 फीट ऊंची है। ताजिया करीब 17 फीट का है। हमेशा ताजिया लकड़ी का बनाया जाता है लेकिन इस साल बारिश के चलते ताजिये के ऊपर लोहे की टीन का शेड लगाया गया, जिसके बिजली लाइन के संपर्क में आने से ताजिये में करंट फैल गया। हमेशा ताजिया हाईटेंशन लाइन की तरफ लाने की सूचना बिजली कंपनी को देते है, सूचना मिलते ही बिजली सप्लाय बंद कर दी जाती है लेकिन इस बार इस बार वरिष्ठ कहीं व्यस्त थे और युवा ताजिया लेकर आगे बड़ गए। किसी ने कंपनी को सूचना नहीं दी। मामले की जांच वरिष्ठ कार्यालय द्वारा कराई जा रही है।