तूफानी बारिश : रेलवे ट्रेक, बस स्टैंड व कालोनियों, घरों में भरा पानी, घटवास में कई घरों व शेड की छतें धराशाही, धोलावड़ डैम के पांच गेट खोले
रतलाम जिले में तूफानी बारिश, नदी-नाले ऊफान पर आए, अब तक 42.46 इंच हो चुकी है बारिश
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मौसम विभाग द्वारा रतलाम जिले में दी गई भारी बारिश की चेतावनी सही साबित हुई और गुरुवार तड़के रतलाम शहर सहित जिले के अनेक नगरों व गांवों में मूसलधार व तूफानी बारिश हुई। इससे नदी-नाले ऊफान पर आ गए तथे कई कालोनियों, निचली बस्तियों, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे ट्रैक आदि में पानी भर गया। कई स्थानों पर लोगों के घरों तक में पानी घुस गया, जिससे काफी नुकसान हुआ। नामली थाना क्षेत्र के ग्राम घटवास में तो बारिश के दौरान चक्रवात भी आया, जिससे कई मकानों की छते व शेड उड़ गए। भारी बारिश के चलते धोलावड़ डैम के लबालब हो गया और डैम के पांच गेट खोलने पड़े। जिले में अब तक 42.46 इंच हो चुकी है बारिश हो चुकी है।
जिले में वैसे तो बुधवार को भी जोरदार बारिश हुई थी लेकिन गुरुवार तड़के करीब छह बजे से सुबह साढ़े नौ बजे तक तूफानी बारिश हुई। इससे रतलाम शहर सहित जिले के कई नगरों व गांवों की निचली बस्तियों, सड़कों व घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का काफी नुकसान हुआ। । नदी-नाले ऊफान पर आने से कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। वहीं जिले का प्रमुख धोलावड़ डेम लबालब हो गया और पानी निकालने के लिए उसके पांच गेट खोले गए। चार दिन पहले डैम के तीन गेट खोले गए थे। जिले में पहले से मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी देकर यलो अलर्ट जारी किया था। इस कारण कलेक्टर ने 3 सितंबर को ही आदेश जारी कर 4 सितंबर को आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया था बारिश के चलते रेलवे स्टेशन व आसपास के क्षेत्रों में रेलवे ट्रेक पर पानी भर गया तथा प्लेट नंबर चार पर भी पानी भर गया। बड़ावदा नगर में एक मकान के पास नीम का पेड़ धराशाही हो गया, इससे उसके आसपास लगी बिजली की केबल भी टूट गई।
शहर की पाश कालोनी राजबाग के साथ ही पीएंडटी नगर, जवाहर नगर, लक्ष्मणपुरा सहित अनेक मोहल्ले व कालोनियों में जलभराव हो गया तथा कई घरों में पानी घूस गया। महू रोड रोड़वेज बस स्टैंड परिसर में भी पानी घुस गया तथा जलभराव होने से यात्रियों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्राम घटवास में सुबह आठ से नौ बजे के बीच बारिश के दौरान तेज हव चलने व चक्रवात आने से करीब 15 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से कतई मकानों के बाहर लगे शेड व पतरे उड़ने तथा तीन पक्के निर्माणाधीन माकों की छत तक क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। छते कुछ दिन पहले ही भरी गई थी। भारी बारिश के चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा और लोग परेशान होते रहे।