पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास व किशोरी से दुष्कर्म करने पर युवक को 20 वर्ष की सजा

मारपीट व गला दबाकर की थी पत्नी की हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपी पिता-पुत्  की संपत्ति न्यायालय से फ्रिज कराई, जीजा के साथ नदी में बहे युवक का शव मिला, सेवानिवृत्त होने पर कार्यपालन यंत्री जीके जायसवाल को समारोहपूर्वक दी विदाई

पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास व किशोरी से दुष्कर्म करने पर युवक को 20 वर्ष की सजा
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय ने किशोरी को भगा कर ले जाने तथा उससे दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त 21 वर्षीय रोहित पिता महेश वर्मा  निवासी मरीमाता टीला अकोलिया थाना पीथमपुर जिला धार को पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एल/6 में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर इस धारा में एक हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। फैसला पॉक्सो एक्ट विशेष न्यायालय के न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने सुनाया। 
       सहायक निदेशक व जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशा शाक्यवार ने बताया कि 25 अगस्त 2023 को एक होस्टल से कोचिंग जाने का कहकर निकली करीब 16 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। पिता ने उसी दिन स्टेशन रोड थाने पर रिपोर्ट की थी कि पुत्री सुबह 07.24 बजे रजिस्टर में एन्ट्री कर कोचिंग जाने का बोलकर होस्टल से गई थी, लेकिन कोचिंग नहीं पहुंची तथा लापता हो गई है। अनेक जगह तलाश करने पर भी वह नही मिली। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर खोजबीन शुरू की। इसी बीच 28 अगस्त को उसने रतलाम रेल्वे स्टेशन पहुंचकर पिता को फोन किया था, पिता उसे स्टेशन लेने पहुंचे थे, तब उसने उन्हें घटना बताई थी। इसके बाद पिता उसे थाने ले गए थे।  किशोरी ने पुलिस को दिए अपने कथन में बताया था कि अभियुक्त रोहित को वह जानती है। वह गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आता रहता था। इस कारण उनकी पहचान हुई थी तथा हम दोनों के बीच  इन्स्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी। रोहित ने बोला था की वह  मुझसे तुझसे प्यार करता है। उसने मिलने बुलाया था तो वह 25 अगस्त 2023 को होस्टल से निकलकर से बस से  इन्दौर गई थी। वहां  उसे  रोहित मिला था। वे दोनों रात में रेल्वे स्टेशन इन्दौर में ही रूक थे। फिर अगले दिन उसे रोहित भोपाल ले गया था। भोपाल में रोहित उसे एक होटल के कमरे में ले गया, जहां रात में  रोहित ने उसकी मर्जी के बगैर उसके साथ दो बार शरीरिक संबंध  बनाये थे। हम भोपाल में दो दिन रूके थे। रोहित को पता चल गया था कि मेरे पिता ने मेरे गुम होने की रिपोर्ट लिखाई थी। तब रोहित उसे रतलाम रेल्वे स्टेशन पर लाकर छोड कर चला गया था। पुलिस ने प्रकरण में धाराएं बढ़ाकर रोहित को  गिरफ्तार कर लिया था। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक होने के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त रोहित को दोषी पाया। उसे भादंवि की धारा को  366 में  10 वर्ष के  सश्रम कारावास की सजा व एक हजार रुपये  जुर्माना से भी दंडित किया गया। दोनों सजा साथ चलेगी।  प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने की। 
                मारपीट व गला दबाकर की थी पत्नी
               की हत्या,पति को आजीवन कारावास
रतलाम। न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपित पति 50 वर्षीय रमेश बिलवाल पुत्र नरसिंह बिलवाल निवासी नालापाड़ा ग्राम लालगुवाड़ी को भादंवि की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। फैसला अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने सुनाया।
       विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने बताया कि सूचनाकर्ता राका उर्फ राकेश निवासी ग्राम लालगुवाड़ी ने 7 फरवरी 2020 को दीनदयाल नगर थाने के तत्कालीन एसआइ मुकेश सस्तिया को जानकारी दी थी कि 6 फरवरी 2020 को उसकी मोटी मां वेलकीबाई की लड़की दुर्गा की शादी उनके घर पर थी, जिसमें उसकी बहन धनकीबाई और जीजा रमेश बिलवाल भी आए थे। रात करीब 11 बजे बहन धनकी एवं जीजा रमेश वापस अपने घर चले गए थे। दूसरे दिन सुबह करीब आठ बजे उसे गांव के लोगों से सूचना मिली कि जूनी माता पगडंडी रोड के पास नाले में उसकी बहन धनकीबाई का शव पड़ा है। वह मौके पर पहुंचा तो देखा का बहन धनकीबाई मृत पड़ी थी तथा उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे। साक्षी राकेश मावी, हुकलीबाई, चक्षुदर्शी साक्षी गढ़ा बा उर्फ राजू मईडा ने अपने कथन में बताया कि रमेश बिलवाल उसकी पत्नी पर चरित्र शंका कर लड़ाई-झगड़ा करता था। साक्षी गढ़ा बा उर्फ राजू मईडा ने कथन में यह भी बताया वे 7 फरवरी 2020 को सुबह जंगल में जड़ी-बूटी लेने जा रहे थे, तब नाले में रमेश बिलवाल को कपड़े से कुछ ढक कर छिपाते देखा था तथा वापस आने के दौरान वहां धनकीबाई का शव साड़ी से ढका पड़ा था। जांच में पाया गया कि रमेश ने गला दबाकर तथा लात-घुसों से मारपीट कर पत्नी धनकीबाई की हत्या की थी। उक्त प्रकरण को पांच वर्ष से अधिक पुराने चिन्हित, जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में लिया गया था। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने की
           मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपी पिता-पुत्र
                की संपत्ति न्यायालय से फ्रिज कराई
 रतलाम। पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसपी अमित कुमार के निर्तेशन, एएसपी राकेश खाका के मार्गदर्शन व बरखेड़ा थाना प्रभारी रवींद्र दंडोतिया के नेतृत्व में आरोपी मोहनलाल पिता नंदराम पाटीदार तथा उसके पुत्र रंगलाल की संपत्तियों को सफ़ेमा के तहत फ्रीज कराने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार मोहनलाल पाटीदार एवं उसके पुत्र रंगलाल को 10  दिसंबर 2024 को मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि उनके द्वारा अर्जित संपत्तियां मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई हैं तथा इनकी आय का कोई वैध स्रोत उपलब्ध नहीं है। इसके बाद जांच अधिकारी द्वारा फ्रीजिंग आदेश जारी करवाने के लिए वैधानिक कारवाई की गई। पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर सफेमा कोर्ट द्वारा  मोहनलाल पाटीदार की ग्राम कराड़िया तहसील आलोट स्थित सर्वे नं. 1748 की 0.28 हेक्टेयर, ग्राम कराडिया तहसील आलोट तथा रंगलाल पाटीदार की सर्वे नं. 1748/1 की 0..56 हेक्टेयर भूमि को एऩीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68-एफ (1) के तहत फ्रीज करने के आदेश जारी गिए गए। उक्त भूमियों की कीमत करीब नौ लाख रुपये है।       
         जीजा के साथ नदी में बहे युवक का शव मिला
रतलाम। बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम झरनिया के समीप स्थित तेलनी नदी की रपट पार करते समय समय नदी में बहे युवक का शरीब 38 घंटे बाद घटना स्थल से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर मिला। जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय राजेश चारेल पिता हकरू चारेल निवासी ग्राम जाम्बुवालिया 27 अगस्त 2025 को ग्राम डाबर स्थित अपने ससुराल ससुर लक्ष्मण डोडियार के घर मिलने गया था। भोजन करने के बाद रात करीब दस बजे राजेश व उसका साला 20 वर्षीय राहुल डोडियार बाइक से घूमने निकले थे। वे ग्राम लालपुरा व मानपुरा होते हुए ग्राम झरनिया गए थे। रास्ते में ग्राम झरनिया के पास रात करीब 11.45 बजे तेलनी नदी की रपट पार करते समय बाइक असंतुलित होने पर दोनों बाइक सहित गिरकर नदी में बह गए थे। राजेश कुछ दूर तक तैरता हुआ गया था और बाहर निकल आया था। इसके बाद उसने अपने पिता को घटना की जानकारी दी थी। सूचना मिलने पर 28 अगस्त को सुबह सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, बाजना थाना प्रभारी रणजीत सिंह मकवाना व अन्य पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस व ग्रामीणों ने नदी किनारे तो टीम के सदस्य ने बोट की मदद से नदी के अंदर काफी दूर तक खोजबीन की लेकिन राहुल डोडियार नहीं मिला था। शाम को अंधेरा होने से खोज अभियान बंद कर दिया गया था। शुक्रवार सुबह पुन: खोज अभियान प्रारंभ किया गया। एसडीआरएफ की टीम के सदस्य व ग्रामीण इधर-उधर उसकी खोजबीन करते रहे। एसडीआरएफ के बद्री मंडलोई ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे राहुल डोडियार का शव घटना स्थल से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर एक स्थान पर दिखाई दिया। इसके बाद टीम के सदस्य उसका शव बोट में रखकर नदी के किनारे लेकर आए। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया गया, मामले की जांच की जा रही है।
   

सेवानिवृत हुए कार्यपाली यंत्री जीके जायसवाल को स्मृति चिन्ह देते महापौर प्रहलाद पटेल व अन्य।

          सेवानिवृत्त होने पर कार्यपालन यंत्री
        जीके जायसवाल को समारोहपूर्वक दी विदाई
रतलाम। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री जीके जायवाल को सेवानिवृत्त होने नगर निगम कार्यालय परिसर में समारोह आयोजित कर विदाई दी गई। महापौर प्रहलाद पटेल ने अपने उद्बोधन में जायसवाल द्वारा सेवाकाल में किए गए कार्यो की प्रशंसा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर साफा बांधकर, शाल-श्रीफल तथा प्रतीक चिन्ह भेंटकर जायसवाल का सम्मान किया गया। समारोह में महापौर परिषद सदस्य दिलीप गांधी, भाजपा पार्षद दल सचेतक हितेश कामरेड, पार्षद परमानन्द योगी, शक्तिसिंह राठौर, योगेश पापटवाल, वहीद शैरानी, हीना मेहता, निशा सोमानी, पूर्व महापौर परिशद सदस्य पवन सोमानी, पूर्व पार्षद सुदीप पटेल, जाकिर रावटीवाला,  उपायुक्त करूणेष दण्डोतिया, कार्यपालन यंत्री महेश सिरोहिया, अनवर कुरैशी, राहुल जाखड़, सहायक यंत्री सुहाष पंडित, स्वच्छता अधिकारी राजेन्द्रसिंह पवांर आदि ने जायसवाल का स्वागत किया। संचालन गोपाल झालीवाल ने किया।