फर्जी दस्तावेज से ली थी ड्रेसर की नौकरी, दस साल की सजा, बाजना में 103 युवाओं ने किया रक्तदान, पुलिस से बचने पाइप में छिपा तो फंस गया युवक, नीलगाय की टक्कर से पति-पत्नी घायल
पाइप काटकर पुलिस ने युवक को बाहर निकाल कर बचाई जान, बाजना में युवाओं ने किया रिकार्ड रक्तदान
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
न्यायालय ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर जिला अस्पताल में नौकरी पाने के मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्त 49 वर्षीय ऋषिकेश शर्मा पिता रामदुलारे शर्मा निवासी ग्राम बहुआ तहसील मेहगांव जिला भिंड को भादंवि की धारा 467 में दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस धारा में उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। उसे धारा 468 में 7 के सश्रम कारावास और धारा 471 में 2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व क्रमश: एक-एक हजार रुपये का जुर्माना से भी दंडित किया गया। सभी सजा साथ चलेगी। फैसला गुरुवार को पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता तिवारी ने सुनाया।
अपर लोक अभियोजन अधिकारी सौरभ सक्सेना ने बताया कि 5 सितंबर 2000 को मुख्य चिकित्सा अदिकारी ने स्टेशन रोड थाने पर पत्र प्रेषित कर शिकायत की थी कि आरोपी ऋषिकेश शर्मा ने 30 जुलाई 1999 को उनके कार्यालय में उपस्थित होकर ड्रेसर के पद के लिए रिपोर्ट दी थी। साथ में अपना तथाकथित स्थानांतरण आदेश स्वास्थ्य दिनांक 07-07-1999 तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर का रिलीविंग आदेश प्रस्तुत किया था। उसके प्रस्तुत किए गए स्थानांतरण आदेश अनुसार उसे ड्रेसर के पद पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में पदस्थ किया गया था तथा उसने वेतन आहरण कर वेतन प्राप्त किया। उसके दस्तावेज फर्जी होने की शंका पर मामले की जांच कराई। जांच के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा अपने पत्र रायपुर दिनांक 01-08-2000 को अवगत कराया था कि ऋषिकेश शर्मा न तो कभी इस जिले (रायपुर) में पदस्थ रहा एवं न ही इस कार्यालय से कार्यमुक्त किया गया है। इससे स्पष्ट है कि ऋषिकेश शर्मा द्वारा फर्जी नियुक्ति स्थानांतरण एवं फर्जी रिलीविंग आदेश के आधार पर इस कार्यालय में उपस्थिति देकर 'ड्रेसर' के पद पर कार्यरत होकर वेतन प्राप्त कर अवैध लाभ अर्जित कर शासन को हानि पहुंचाई गई है। शिकायत पर पुलिस ने ऋषिकेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था। जांच के दौरान प्रकरण धारा 467, 468, 471 बढ़ाई गई थी। सुनवाई केबाद न्यायालय ने अभियोजन साक्षियों तथा कूटरचित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अभियुक्त ऋषिकेश शर्मा को दोषी पाकर सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजन अधिकारी सौरभ सक्सेना ने की।
नीलगाय की टक्कर से बाइक
सवार महिला पति-पत्नी घायल
रतलाम । मोरवनी रोड पर काला गोरा भैरव क्षेत्र में गुरुवार रात 9 से 9.30 बजे के बीच नीलगाय की टक्कर से बाइक पर सवार 32 वर्षीय नरसिंह निवासी ग्राम चिल्लर व उसकी पत्नी 30 वर्षीय बिजुड़ीबाई घायल हो गए। जानकारी के अनुसार वे रतलाम से बाइक पर सवार होकर ग्राम चिल्लर जा रहे थे, तभी रोड पर अचानक नीलगाय आकर उनकी बाइक से टकरा गई। इससे वे दोनों घायल हो गए। गंभीर चोट आने से बिजुड़ीबाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रायवेट क्लीनिक से इलाज कराकर
लौट रही महिला की मौत
रतलाम। बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम रेहटकुआं निवासी 65 वर्षीय मांगूड़ीबाई पत्नी वेस्टा काटारा की एक निजी क्लीनिक से इलाज कराकर लौटते समय मौते हो गई। जानकारी के अनुसार तबीयत खराब होने पर गुरुवार शाम परिजन मांगूड़ीबाई को ग्राम बाजना स्थित एक निजी क्लिनीक पर ले गए थे। वहां से इलाज कराकर वे वापस उसे लेकर घर जा रहे थे। रास्ते में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तथा वह अचैत हो गई। परिजन उसे बाजना के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित किया गया। मामला संदिग्ध होने से पुलिस मांगूड़ीबाई का शव पोस्टमार्टम कराने मेडिकल कालेज ले गई। उधर, स्वास्थ विभाग की टीम जब क्लीनिक पर पहुंची तब तक क्लीनिक संचालक ताला लगाकर वहां से जा चुका था।
चोरी करने पहुंचा युवक पाइप में फंसा
पुलिस ने निकालकर जान बचाई
रतलाम। बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में निर्माणाधीन कॉम्पलेक्स में घुसा एक युवक पुलिस से बचने के लिए काम्पलेक्स की चौथी मंजिल पर पहुंचकर एसी की चिलर यूनिट के पाइप में जाकर छिप गया। वह पाइप में घुस कर फंस गया और लेकिन निकल नहीं पाया। पुलिस ने पाइप काटकर उसे बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार दीनदयाल नगर थाना प्रभारी मनीष डाबर व पुलिस जवान 15 व 16 सितंबर की दरमियानी रात गश्त करते हुए बाजना बस स्टैंड स्थित एक निर्णाणाधीन कॉम्पलेक्स के पास पहुंचे तो उन्हें कॉम्पलेक्स के अंदर कुछ हलचर होने की शंका हुई। वे कॉम्पलेक्स परिसर में पहुंचे तो पुलिस को आता देख युवक अंधेरे में कॉम्पलेक्स की चौथी मंजिल पर जा पहुंचा तथा पुलिस से बचने के लिए वह एसी की चिलर यूनिट के पाइप जाकर छिपा गया। इस दौरान वह फिसलता हुआ नीचे पाइप में तीसरी मंजिल पर जाकर फंस गया। पुलिस उसे इधर-उधर तलाशी रही लेकिन वह नहीं दिखा। इसी बीच तीसरा मंजिल पर पाइप से कुछ आवाज होने पर पुलिस ने पाइप चेक किया तो युवक उसमें फंसा दिखा। पाइप सकरा होने से वह निकल नहीं पा रहा था। पुलिस ने पाइप काटकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। उसने अपना नाम रावल भाभर बताया। पुलिस ने उसे पानी पिलाया और उसकी देखरेख कर उसका मेडिकल कराया। पुलिस गंभीरता से उसे तलाश करे बगैर चली जाती तो पाइप से उसका निकलना मुश्किल था, ऐसे में उसकी जान भी जा सकती थी। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी मनीष डाबर ने बताया कि युवक चोरी करने घुसा था लेकिन कुछ चुरा नहीं पाया। उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहित (बीएनएसएस) की 170 (सीआरपीसी की धारा 151) के तहत कार्रवाई की गई है। उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बाजना में 103 युवाओं ने किया रक्तदान
बाजना । बाजना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेगा ब्लड डोनेशन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा 103 युवाओं ने रक्तदान किया। अब तक के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एक दिन में इतनी संख्या में युवाओं ने रक्तदान किया। शिविर का शुभारंभ भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र वसुनिया, बाजना सरपंच रामजी निनामा, अशोक मूणत, मांगीलाल खराड़ी उपसरपंच रौनक लूणावत,पैसा एक्ट जिला समन्वयक दिनेश वसुनिया, मुस्लिम समाज के सदर जफ़र पठान, भाजयुमो र्चा मंडल महामंत्री विवेक पालरेचा, श्याम उपाध्याय, कल्याण सिंह चौहान, शुभम अग्रवाल आदि की उपस्थिति में किया गया। बीएमओ डॉ जितेंद्र जायसवाल कहा कि “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान” का उद्देश्य महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है तथा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराने एवं आवश्यक परामर्श के साथ परिवार को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिविर में निधि गौरव कटारिया, वंदना बेन, दीपक पंवार, निखिल टेलर, हिमांशु अग्रवाल, अजय राठौर, चाहत पंवार, रितेश मूणत, मनीष कावड़िया, इलू बुच, रोहित मईडा, गजेंद्र शर्मा, अज्जू मोंगिया, रितेश शर्मा, कमल राठौर, महेश वसुनिया, मुकेश रायकवार, बाबू भाई, जमाल खान, जगवीर, भूरिया राठौर, दिनेश बैरागी, शंकर ,अजय प्रजापत, जयेंद्र देवड़ा, पवन भाई मित्र मंडल ने सराहनीय सहयोग दिया।